नई दिल्ली / अभी तक आयुर्वेद दवाओं पर दुनिया भर के कई देशों की नजर रहती थी, लेकिन अब भारत के आयुर्वेद की दुनिया में कोई चोरी नहीं कर सकेगा। गाजियाबाद स्थित फार्मा कोपिया कमीशन फॉर इंडियन मेडिसिन एंड होम्योपैथी ने आयुर्वेद दवाओं के फॉर्माकोपिया को ऑनलाइन जोड़ दिया है। केंद्रीय आयुष मंत्री श्रीपद येसो नाईक ने इसका शुभारंभ करते हुए बताया कि 700 तरह की आयुर्वेद दवाओं की जानकारी भारतीय प्रमाण के साथ सार्वजनिक की गई है। आयुर्वेद के मानकों को विकसित करने और उनकी उपयोगिता के साथ क्रियान्वन के लिए ये बहुत जरूरी कदम था।  इससे न सिर्फ आयुर्वेद औषधियों की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इन्हें ख्याति भी हासिल हो सकेगी। विभिन्न देशों के फॉर्माकोपियल समितियों के साथ फार्मा कोपिया कमीशन फॉर इंडियन मेडिसिन एंड होम्योपैथी समझौता ज्ञापन कर रहा है। इसका असर यह होगा कि देश के आयुष वैज्ञानिक औषधियों के मानकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में सफल हो सकेंगे।अब अलग अलग मोनोग्रार्फो को ऑनलाइन मंच पर लाया जाएगा, जिससे ये मानक शीघ्रता से डाउनलोड व प्रभावी किए जा सकेंगे। आयुर्वेद क्षेत्र में सरकार का यह प्रयास ऐतिहासिक है। इस वक्त जहां जापान भारत के साथ मिलकर योग को अपने यहां लाना चाहता है। वहीं अन्य देशों के लिए भारतीय आयुर्वेद को सात अंतरराष्ट्रीय भाषाओं में लाना भविष्य में बड़ा फायदा दे सकता है। कार्यक्रम के दौरान आयुर्वेदिक भेषज समिति के अध्यक्ष प्रो वीके जोशी, निदेशक डॉ. जीएन सिंह मौजूद रहे।

SHARE