नई दिल्ली  केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी देश के प्रथम रेल विश्वविद्यालय को लोगों को समर्पित करेंगे. रूस और चीन के बाद यह दुनिया का तीसरा विश्वविद्यालय है, जो रेल के कामकाज से जुड़े अध्ययन में संलग्न है. गुजरात के बड़ोदरा में बने राष्ट्रीय रेल और परिवहन संस्थान (एनआरटीआई) ने इस साल सितंबर में दो पूर्ण आवासीय स्नातक पाठ्यक्रमों में 20 राज्यों के 103 छात्रों के पहले बैच को प्रवेश दिया था. विश्वविद्यालय ने दो स्नातक कार्यक्रम ट्रांसपोर्टेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी और ट्रांसपोर्टेशन मैनेजमेंट में बीबीए शुरू किया है. विश्वविद्यालय का उद्देश्य ट्रांसपोर्ट एडं सिस्टम डिजाइन, ट्रांसपोर्ट सिस्टम्स इंजीनियरिंग, ट्रांसपोर्ट पॉलिसी एडं इकॉनोमिक्स जैसे क्षेत्रों में 2019-20 के शैक्षणिक सत्र से स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम शुरू करना है. यह बहुत गर्व का विषय है कि इस तरह का एक अद्वितीय संस्थान, इस तरह के विविध पाठ्यक्रमों को लेकर 15 दिसंबर को देश को समर्पित किया जायेगा.’ विश्वविद्यालय परिसर में 17 छात्राएं और 86 छात्र हैं और ये देश के 20 राज्यों से आये हैं. बीबीए ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट में 41 और बीएससी ट्रांसपोर्ट टेक्नोलॉजी में 62 छात्र अध्ययनरत हैं. रेल मंत्रालय ने अगले पांच वर्षों तक इस परियोजना के लिए 421 करोड़ रुपये मंजूर किये हैं|

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